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Vela Writes

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पद्मावत-एक रहस्यमयी कथा|

पिछले साल के बीच पद्मावती के सेट को तोड़ कर सुर्ख़ियों में आयी करणी सेना को कई बार संजय लीला भंसाली ने बताया की फिल्म में उनकी आपत्ति का कोई कारण नहीं है| 

करणी सेना का मानना था की फिल्म में खिलजी और रानी पद्मनी के बीच कुछ दृश्य फिल्माए गए है जिसका फिल्म से जुड़े लोगो ने साफ़ शब्दों में खंडन किया था| साफ़ दिखता है इस चिट्ठी में जो भंसाली ने लिखी थी ठीक एक साल पहले| 

 

पर उन्होंने नहीं माना| इसके बावजूद वो उत्पात मचाते रहे| तोड़ फोड़ होती रही| राजनीतिज्ञों ने जलती आग को बुझाने की जगह उसपर रोटियां सेकना बेहतर समझा| राजपूतो की आन-बान-शान एक फिल्म को मोहताज़ मानो हो गयी थी| 

आज जब ये करणी सेना कहती है की उन्हें फिल्म में कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला और राजपूती आन-बान-शान को बरकार रखती है ये फिल्म, तो आपको देखनी चाहिए| सेंसर बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट की मानो इस देश में कोई इज़्ज़त नहीं है| सत्ता में बैठी पार्टियां को मनो बस मूकदर्शक का काम करती रही| कितनी मन की बातें हो गयी पर कोई जिक्र नहीं आया उनके लबो पर इस बारे में| 

 

क्या-क्या किया कथाकथित तौर पर करणी सेना ने?

१. गुरुग्राम में बच्चो की बस के ऊपर पथराव

२. मध्य प्रदेश में बच्चो के स्कूल में तोड़ फोड़ 

३. राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश में तोड़ फोड़ की कई घटनाओ को अंजाम दिया गया| 

अब राजनीती को इससे अलग कर देते है| वैसे भी उनपर सवाल उठाने से तो हम देशद्रोही हो जायेंगे और पाकिस्तान जाने का मेरा कोई मन नहीं है| 

अब तो सभी कुछ ठीक है| 

करणी सेना ने फिल्म देख ली है, और फिल्म राजपूत मर्यादा और गौरव को बढाती है| फिल्म के मुख्य कलाकारों ने कोई प्रचार नहीं किया, ये सारा काम को सेना ने खुद ही कर दिया| और फिल्म सभी जुड़े लोगो के कार्यकाल की सबसे बड़ी सफल फिल्म बन कर उभरी| थूक के चाटना मुहावरे का नया उदाहरण बनी करणी सेना| वो प्रमोशन जिसमे फिल्म के मुख्या कलाकारों को कुछ नहीं करना पड़ा| तो क्या यही पैसा कही और दिया गया था?

भंसाली ने पहले कहा था की वो फिल्म १ दिसंबर को रिलीज़ करेंगे| इसका कोई कारण नहीं हो सकता| १ दिसंबर में कोई लम्बा हफ्ता नहीं था और फिल्म बहुत महंगी थी| वहां रिलीज़ करने की कोई वजह नहीं हो सकती थी| २६ जनवरी जबकि एक अच्छी तारीख थी| दो हफ्ते का खली समय था फिल्म को लाने के लिए और वही हुआ| सारी अड़चने एक एक करके ख़तम होती गयी और करणी सेना भी अपनी जगह सही हो गयी|  फिल्म साल की सबसे बड़ी सफल फिल्मो में से एक बनने को तैयार है|  अब कंगना की आने वाली फिल्म जो रानी झाँसी के ऊपर है, उसका विरोध करने के लिए एक नया संगठन तैयार है| मानो जैसे कोई मज़ाक है!


 

 

आज तक चैनल पर कुछ वक़्त पहले आया एक स्टिंग ऑपरेशन भी देख लीजिये|  

https://www.youtube.com/watch?v=Xvqe5dqadek

पिछले साल के बीच पद्मावती के सेट को तोड़ कर सुर्ख़ियों में आयी करणी सेना को कई बार संजय लीला भंसाली ने बताया की फिल्म में उनकी आपत्ति का कोई कारण नहीं है| करणी सेना का मानना था की फिल्म में खिलजी और रानी पद्मनी के बीच कुछ दृश्य फिल्माए गए है जिसका फिल्म से जुड़े लोगो ने साफ़ शब्दों में खंडन किया था| साफ़ दिखता है इस चिट्ठी में जो भंसाली ने लिखी थी ठीक एक साल पहले| ​ पर उन्होंने नहीं माना| इसके बावजूद वो उत्पात मचाते रहे| तोड़ फोड़ होती रही| राजनीतिज्ञों ने जलती आग को बुझाने की जगह उसपर रोटियां सेकना बेहतर समझा| राजपूतो की आन-बान-शान एक फिल्म को मोहताज़ मानो हो गयी थी| आज जब ये करणी सेना कहती है की उन्हें फिल्म में कुछ आपत्तिजनक नहीं मिला और राजपूती आन-बान-शान को बरकार रखती है ये फिल्म, तो आपको देखनी चाहिए| सेंसर बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट की मानो इस देश में कोई इज़्ज़त नहीं है| सत्ता में बैठी पार्टियां को मनो बस मूकदर्शक का काम करती रही| कितनी मन की बातें हो गयी पर कोई जिक्र नहीं आया उनके लबो पर इस बारे में| क्या-क्या किया कथाकथित तौर पर करणी सेना ने? १. गुरुग्राम में बच्चो की बस के ऊपर पथराव २. मध्य प्रदेश में बच्चो के स्कूल में तोड़ फोड़ ३. राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश में तोड़ फोड़ की कई घटनाओ को अंजाम दिया गया| अब राजनीती को इससे अलग कर देते है| वैसे भी उनपर सवाल उठाने से तो हम देशद्रोही हो जायेंगे और पाकिस्तान जाने का मेरा कोई मन नहीं है| अब तो सभी कुछ ठीक है| करणी सेना ने फिल्म देख ली है, और फिल्म राजपूत मर्यादा और गौरव को बढाती है| फिल्म के मुख्य कलाकारों ने कोई प्रचार नहीं किया, ये सारा काम को सेना ने खुद ही कर दिया| और फिल्म सभी जुड़े लोगो के कार्यकाल की सबसे बड़ी सफल फिल्म बन कर उभरी| थूक के चाटना मुहावरे का नया उदाहरण बनी करणी सेना| वो प्रमोशन जिसमे फिल्म के मुख्या कलाकारों को कुछ नहीं करना पड़ा| तो क्या यही पैसा कही और दिया गया था? भंसाली ने पहले कहा था की वो फिल्म १ दिसंबर को रिलीज़ करेंगे| इसका कोई कारण नहीं हो सकता| १ दिसंबर में कोई लम्बा हफ्ता नहीं था और फिल्म बहुत महंगी थी| वहां रिलीज़ करने की कोई वजह नहीं हो सकती थी| २६ जनवरी जबकि एक अच्छी तारीख थी| दो हफ्ते का खली समय था फिल्म को लाने के लिए और वही हुआ| सारी अड़चने एक एक करके ख़तम होती गयी और करणी सेना भी अपनी जगह सही हो गयी| फिल्म साल की सबसे बड़ी सफल फिल्मो में से एक बनने को तैयार है| अब कंगना की आने वाली फिल्म जो रानी झाँसी के ऊपर है, उसका विरोध करने के लिए एक नया संगठन तैयार है| मानो जैसे कोई मज़ाक है! आज तक चैनल पर कुछ वक़्त पहले आया एक स्टिंग ऑपरेशन भी देख लीजिये| ​https://www.youtube.com/watch?v=Xvqe5dqadek​ जय हिन्द

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